Thursday, December 10, 2009

घोड़ाशंकर वैसे तो उसका नाम भोलाशंकर तिवारी था।मुहल्ले के सभी लोग शंकर दादा या शंकर भाई कहते थे.लेकिन सभी औरतें और लड़कियां उसे घोड़ा शंकर इस लिए कहते थे क्योंकि शंकर का लंड आम आदमी से काफी बड़ा और मोटा था। ऐसा लगता था की कुदरत ने तीन चार लंड मिला कर शंकर का लंड बनाया था.शंकर कोई काम नहीं करता था.लोगों से जबरन वसूली किया करता था.शंकर के थाने में कई केस भी दर्ज थे.शंकर हमेशा अपने हाथ में एक डंडा भी लिए रहता था.और अपने कुरते में एक चाकू भी रखता था.इसी सभी उस से दूर ही रहने में भलाई मानते थे.शंकर की इसी लिए शादी भी नहीं हुई थी। औरतें आपस में कहती थीं की हाय राम इतना लंबा लंड अगर किसी की चूत में घुसेगा तो वह औरत जरूर मर जायेगी.एक बार कोठे में नेपाल की एक लड़की लायी गयी थी,उसे शंकर के शंकर के लंड के बारे में कुछ भी पता नहीं था.जैसे ही शंकर ने अपना दानवी लंड उस नेपाली लड़की की चूत में घुसाया वह वह एक भयानक चीख मार कर बेहोश हो गयी .उसकी चूत फट गयी और चूत से खून बहने लगा.बाद में उस लड़की को अस्पताल ले जाना पडा.जहाँ एक हफ्ते तक उसका इलाज किया गया था.तभी वह दोबारा चुदवाने के काबिल हो सकी थी.इसीलिए लड़कियां शंकर से दूर हीरहती थीं।शंकर के मकान से कुछ दूर एक गली में दो लडकियां चम्पा और चमेली अपनी मौसी के साथ रहती थीं.चम्पा २१ साल और चमेली १७ साल की थी .जब वह छोटी थीं तो उनका बाप तपेदिक से मर गया था,बाद में कुछ साल के बाद उनकी माँ भी एक आदमी के साथ भाग गयी थी.आख़िर वह कब तक बिना चुदवाये रह सकती थी.उसे भी अपनी चूत की गरमी को शांत कराने के लिए लंड की जरूरत थी.लेकिन उसने जाते जाते अपनी दोनों लड़किओं को अपनी बहिन के पास भेज दिया था.और उसके पास जितना पैसा और जेवर था वह सब अपनी बहिन को दे दिया था .उन रुपयों से चमा चमेली की मौसी ने गली अन्दर घर से कुछ दूर एक छोटी सी दूकान भी खोल ली थी .ताकि उसके साथ दोनों लड़कियों का पालन पोषण हो सके .दूकान से कोई ख़ास कमाई नहीं होते देख मौसी ने चम्पा को एक वकील के घर काम कराने के लिए रख दिया था.वकील का नाम कामता प्रसाद था उसकी औरत मर चुकी थी और एक ही लड़की थी जो शादी के बाद ससुराल चली गयी थी.इसकिये चम्पा वकील के घर का सारा कामऔर दोनों टाइम का खाना भी बनाती थी.और वकील को खाना खिला कर लगभग नौ बजे वापिस घर लौटती थी। कभी कभी इससे भी जादा देर ही जाती थी । चमेली नजदीक के सरकारी स्कूल में आठवीं में पढ़ती थी। और शाम को दूकान प् बैठती थी। दिन को मौसी घर का काम करके दूकान संभालती थी , उसी गली से कुछ दूरी पर शंकर का घर था, च अक्सर चमेली को गंदे गंदे इशारे कर के छेड़ता था.भद्दे मजाक करता था.बाब भी चमेली दुकानपर अकेली होती थी तो शंकर कुछ न कुछ खरीदने के बहाने चम्पा की दूकान पर आ धमकता था, लेकिन चमेली डर के मारे चुप रहती थी.एक दिन शंकर ने चमेली का हाथ पकड़ कर उसकी चूचियां मसल दी.गुस्से में आकर चमेली ने शंकर के मुंह पर थूक दिया.और उसका सब के सामने अपमान कर दिया.शंकर ने कहा साली बड़ी सीता सावित्री बन रही है.क्या तुझे पता नहीं है की तेरी बड़ी बहिन वकील से रोज चुदवाती है,हरामजादी अगर तुझे भी नहीं चोदा तो मेरा नाम शंकर नहीं ,मादरचोद तू मुझे घोड़ा शंकर कहती है ,तो मैं तुजे अपने इसी घोड़े जैसे लंड से चोदूंगा। तू भी याद करेगी मेरे लंड को.उस दिन से शकर चमेली के पीछे पड़ गया था ,और अपने अपमान का बदला लेने के लिए मौक़ा देख रहा था.एकदिन मौसी दो तीन दिन के लिए दूसरे शहर गयी थी और चम्पा वकील के घर काम के लिए गयी थी वकील के घर कुछ मेहमान आने वाले थे.चमेली घर में अकेली थी .शंकर को यह पता था.वह रात के सात बजे के बाद चमेली के घर चुपचाप से घुस गया.शंकर को देखते ही चमेली की घिघी बाँध गयी। वह डर से कांपने लगी.शंकर के हाथ में एक चाकू था.शंकर ने कहा साली अगर मुंह से एक भी आवाज़ निकाली तो इसी चाकू से तेरे तकड़े तकड़े कर दूँगा.किसी को कोई पता भी नहीं चलेगा.पुलिस भी मेरा कुछ नहींकर सकेगी.अगर तू अपनी जान बचाना चाहती है तो में जैसा कहता हूँ चुपचाप वैसा ही कर.चमेली डर के मारे कुछ नहीं बोली.शंकर बोला साली पहले अपने सारे कपड़े उतार कर पलंग पर लेट जा। अगर ज़रा भी आवाज की तो तेरी गरदन काट दूँगा.फ़िर शंकर ने अपना पाजामा उतार दिया.उसका लंड देख कर चमेली की जान सूख रही थी.वह थरथर काँप रही थी.उसने दबी जबान में शंकर से दया करने की भीख मांगी .शंकर बोला रंडी आज तुझे थूकने का मजा मिलेगा.फ़िर शंकर ने चमेली की चूत में थूक दिया जिस से चूत गीली हो गयी.शंकर बोला आ इधर आ मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूस तभी तो यह तेरी चूत में जाएगा,इसके बाद ने शंकर ने अपने लंड का सुपारा चमेली की चूत पर रख दिया.और चमेली का मुंह अपने हाथों से बंद कर दिया.शंकर एक ऐसा धक्का मारा की उसका एक चौथाई लंड चमेली की चूत में घुस गया.लंड घुसता गया चूत फट गयी.चूत से खूननिकल रहा था .चमेली मछली की तरह तड़प रही थी.लेकिन शंकर लंड घुसाता रहा.जब आधे से जादा लंड चमेली की चूत में चला गया तो शंकर ने लंड बाहर निकाला .फ़िर एक बार ऐसा जोरदार ढका मारा की पूरा लंड अन्दर सकमा गया, दर्द के मारी चमेली अपने हाथ पैर पटक रही थी .और शंकर दनादन लंड के वार कर रहा था.चमेली रो रही थी.और छोड़ने के लिए कह रही थी। शंकर बोला आज तेरी चूत की ऎसी हालत कर दूँगा की टू मुझे हमेशा याद करेगी। इसके बाद शंकर ने चमेली की जमकर चुदायी की.हरेक धक्के पर चमेली चीख पड़ती थी.और्हाय हाय ओह ओह अरे अरे कराने लगीचूत से फच फच फच की आवाजें निकल रही थीं। एक घंटे के बाद शंकर ने चमेली को पलंग पर घोड़ा बनाकर उसकी गांड ऊपर कर दी.चमेली चिल्लायी शंकर मैं तुम्हारे पैर पड़ती हूँ मेरी गांड नहीं मारो मैं मर जाऊँगी .मेरी गांड फट जायेगी.लेकिन शंकर नहीं माना.उसने कहा हरामजादी नखरे मत कर..जब तक तेरी यह प्यारी गांड नहीं मारूंगा मेरा बदला पूरा नहीं होगा .तू चुप चाप मेरे लंड का कमाल देख .कहीं गांड मरवाने से कोई मर सकता है .गांड तो सिर्फ़ मरवाने के लिए होती है.तभी शंकर ने अपना लंड चमेली की गांड में फ्हुसा दिया,चमेली चीखी तो शंकर ने चाकू दिखा कर चुप कर दिया.चमेली अपनी गांड में लंड घुसवाती रही.धीमे धीमे लंड पूरा अन्दर चला गया.और शंकर आरा से गांड मारता रहा.दर्द से चमेली की गांड फड़क रही थी और फ़ैल गयी थी.जब शंकर जो लगा की चमेली की गांड में काफी जगह बन गयी है तो उसने दोबारा चूत में लंड घुसा दिया इसके बाद शंकर ने चमेली की दोबारा चुदायी की .और चमेली को ऐसे ही छोड़ कर भाग गया.चम्पा जब देर रात को घर आयी तो उसने देखा की चमेली की चूत से खून बह रहा था और चमेली डरा से तड़प रही थी।
पूछने पर चमेली ने सारी बात बता दी.चम्पा फौरंवाकील के पास गयीऔर बोली की आप फ़ौरन शंकर के खिलाफ थाने में शिकायत लिखवाने में मेरी मदद मारें.लेकिन वकील ने कहा की ऐसा कराने से चमेली की बदनामी होगी और उससे कोई शादी नहीं करेगा.मेंपहले शंकर से बात करता हूँ.जब शंकर को यह बात पता चली की चमेली उसका लंड आराम से सह गयी थी,तो वह वकील के पास बोला की आप मेरे खिलाफ केस नहीं करें मैं ख़ुद ही चमेली से शादी करना चाहता हूँ.क्योंकि शहर में चमेली एक ऎसी लड़की है जो मेरा लंड सह सकती है.मैं तो चमेली को काफी समय से चाहता था ,लेकिन वह मुझे लिफ्ट नहीं देतीई थी.मैं चमेली को आराम से रखूँगा और इसी लंड से चुदाई करूंगा.जब चम्पा ने चमेली से पूछा तो वह राजी हो गयी ,और बोली दीदी सच बात तो यह है की मुझे भी शंकर से चुदवाने और गांड मरवाने में बड़ा मजा आया है.अगर टू भी शंकर से एक बार चुदवा ले तो भी उसके लंड की दीवानी हो जायेगी.मादरचोद का लंड बड़ा मजेदार है.लेकिन तू रात भर कहाँ थी,चम्पा बोली उधर शंकर तेरी चूत फाड़ रहा था उसी समय में वकील का लंड ले रहीई थी .साला इस उमर में भी मेरी चूत का भुरता कर देता है और रात रातभर चुद्यी करता है.मैं तो उसी के साथ शादी करूंगी .मुझे वकील के लंड का चस्का पड़ गया है .सचमुच लंड के बिना औरत की जिन्दगी बेकार होती है। मुझे पूरा विशवास है की तू शंकर से शादी करके खुश रहेगी औररोज लंड लेती रहेगी.बस मेरी यही इच्छा है की शंकर मुझे भी अपने लंड का मजा देता रही.जाओ सदा चुदागन रहो।
बाद में यही हुआ था .और आज दोनों बहनेचम्पा और चमेली इसी शहर में रह रह कर मिलजुल कर चुदवा रही हैं .आप चाहें तो उन से मिल कर पूछ लें।
अगली कहानी का इंतजार करें .तब तक किसी और चूत का बंदोबस्त कर लें.

No comments:

Post a Comment