Friday, December 25, 2009

चूत की लूट
दोस्तों मेरा नाम पूमम है .मैं अप्पने मम्मी पापा और एक बड़े भाई साथ सौरभ नगर कोलीनी में रहती हूँ.मेरा फ्लैट तीइसरी मंजिल पर एक्कदम कोने पर है.दो साल पहिली ही मेरी कालोनी बनी थी.और मुख्य शहर से बहुत है दूर है। दो साल पाहिले यहाँ जंगल और खेत थे.आज तक कालोनी को जाने के लिए पका रोड नहींबन पाया है, इसी लिए रात के दस बजे तक चारों तरफ कोई आदमी दिखाई नहीं देता है.फिर कालोनी के बहुत से फ्लैट खाली पड़े हैं.मेरे पापा रेलवे में गार्ड हैं और तीन दिन के बाद वापस घर आते हैं.मेरा बड़ा भाई नरेश एम् कामकर रहा है उसकी शादी तय होचुकी है.मैं २० साल की हो चुकी हूँ .इस लिए मम्मी अगले साल मेरी भी शादी करवाना चाहती हैं.और शादी के लिए जेवर और रुपया अपने लोकर में जमा करती रहती हैं.मेरी कालोनी में अक्सर लाईट चली जाती है.इसलिए कालोनी के लोग रात में घर में ही रहते हैं।
यह इसी साल के दिसंबर की बाथे.में अपनी मम्मी के साथ उनके कमरे में थी.मेरा भाई पढ़ कर अपने कमरे में सो गया था.तभी अचानक लाईट चली गयी.रात के करीब ग्यारह बज चुके थे। तभी मम्मी को जीने पर किसी के पैरों की और बात करने की आवाज सुनाई दी.माननी ने मझे खिड़की से बाहर देखने को कहा.मुझे कोई भी दिखाई नहीं दिया.तभी किसी ने घर के दरवाजे पर जोर से दस्तक दी .मुझे लगा शायद पापा जल्दी घर आगये हैं और उनकी गाड़ी लेट हो गयी है .मैं दरवाजा खोल ही रही थी की देखें कौन है.जैसे ही मैं ने दरवाजा खोला तीन लोग दन्न से मम्मी के कमरे में घुस गयी.मम्मी मामला समझती की एक आदमी ने मम्मी के गाल पर जोर का चांटा मार दिया.मैं घबरा कर छत की सीढियों के नीचे छुप गयी .कमरे में होनेवाली घटना चुपचाप देखने लगी.तभी लाईट फिर से आगयी थी.मैं ने देखा तीनों लुटेरों की आयु लगभग २५ ३० साल बे बीच की थी.एक ने मम्मी के गले पर चाकू रखा तो मम्मी ने पूछा तुम लोग कौन हो और क्या चाहते हो.वह बोला मादरचोद देखती नहीं हम कौन हैं बड़ी भोली बनती है.हमें पता है तुने काफी माल जमा कर रखा है .ला साली लाकर की चाबी दे .और सारा माल हमारे हवाले कर दे.वरना तुझे यहीं काट कर रख देंगे.दर के मारे मम्मी ने सारे जेवर और रुपया उनको दे दिया.मम्मी रोने लगी तो एक ने दोबार मम्मी को ऐसा जोर का चांटा है ,मुझे छोड़ नहीं है नहीं मारा की वह पलंग पर गिर गई.और हाथ जोड़ कर बोलीं की अब मेरे पास कुछ नहीं है मुझे छोड़ दो.चाकू वाले ने दूसरे लुटेरे से कहा बल्लू मकान की ठीक से तलाशी ले.और उसने मम्मी के सारे कपडे उतार दिए.शर्म के मारे मम्मी ने अपनी चूत पर हाथ रखना चाहा तो चाकू वाले ने हाथ हटा दिया.वह बोला साली कहीं चूत में कुछ छुपा तो नहीं लिया है.उसने मम्मी की चूत और गांड में अपनी उंगली डाल कर देखा.दोनों लुटेरे घर में सब जगह तलासी लेने लगी तो उन्हें मैं सीढियों के नीचे छुपी हुई मिलागयी .उनमे एक जोर से चिल्लाया,सत्तो माल मिल गया.बड़ा कीमती माल है।
तभी मुझे अचानक समझ अगया की यह लुटेरे कौन थे.जिसे यह लोग सत्तो कह रहे थे मैं उसे जानती .उसका असली नाम सतीश था.वह पाहिले मेरे भाई के साथ पढ़ता था.सतीश को पहचानने के बाद मैं बाक़ी दोनों कोभी जान गयी.जिसे यह लोग बालू कह रहे थे उसका नाम बलदेव था और तीसरा अजीत था। तीनों तीनो अच्छे घर के लडके थे और कोई नौकरी न मिलने के कारण ऐसे काम करने लगी थे।
उन दोनों ने मुझे बाल पकड़ कर सतीश के पास खींच लिया.सतीश बोला हरामजादी जूठ बोलती थी की कुछ नहीं है ,यह माल क्या तेरी चूत से आगया है .आवाज सुन कर मेरा भाई जाग गया.फोरान तीनों ने उसे भी मम्मी के कमरे में घसीट लिया.और उसे मारने लगी.मम्मी बोली तुम लोगों को जो लेना था वह ले चुके अब मेरे लडके को क्यों मार रहे हो.जब मम्मी गुस्से में गाली देने लगी ,तोअजीत बोला रंडी तुझे अपने पर बड़ा प्यार है.इसलिए जबतकतुम अपने इसी लडके से नहीं चुदवायेगी हम उसे नहीं छोड़ेंगे.वरना उसे तेरे सामने ही यहीं काट कर फेक देंगेसतीश ने चाकू दिखा कर नरेश से कहा चल अपनी माँ की चुदाई कर .तुझे आज सचमुच का मादरचोद बनाए देते हैं। उन्होंने नरेश के सारे कपडे उतार दिए और मम्मी के ऊपर चढ़ा दियालेकिन शर्म के मारे नरेश का लंड खडा नहीं हो रहा था.अजीत बोला साले लंड जल्दी तय्यार कर ,नहीं लंड काट कर तेरी माँ की चूत में घुसा देंगे.फिर लंड के बिना तेरी शादी कसे होगी.मामी घबरा गयी,खडा करने के लिए नरेश का लंड चूसने लगी.यह देख मुझे नरेश का लंड बड़ा प्यारा लग रहा था.फिर भी नरेश झिझक रहा था अपना लंड मम्मी की चूत में नहीं घुसा रहा था.यह देख कर मम्मी ने कहा बेटा यह लोग जैसा कहें वैसा करो.आखिर तुम जिस चूत से निक्के हो उसे चोदने में में कैसी शर्म.आजा बेटा जल्दी से लंड अन्दर घुसा दे और अपनी माँ की इज्जत बचाले.इतना सुनते ही नरेश का लंड फनफनाने लगा.न्रेसने एक ही झटके में पूरा लंड मम्मी की चूत में घुसा दिया.और धक्के मारने लगा.मम्मी जोर जोर से ओह ओह उई उई करने लगी .तीनों बोले यार यह माँ बेटे की चुदायी देख कर अपने लंड भी खड़े हो गए हैं.मम्मी को मेरे सामने चुदवाने में कोई शर्म नही आ रही थी.वह तो नरेश के लंड का स्वाद ले रही थी.उसे भी मजा आरहा था.मम्मी को लुटाने का कोई दुःख नहीं था.वह हरेक धक्केपर अपनी कमर उछाल रही थी.जब अजीटने अपना लंड मम्मी के मुंह में दे दिया तो व उसेप्यार से चूसने लगा.मम्मी नरेश से कह रही थी बेटा कितना बड़ा संकट क्यों न हो लंड का मजा लेना चाहिए.फिर तुम तो मरे बेटे हो तुम दोगुनू ताकत से धक्के मारो.तुमने जितना मेरा दूध पीया है उतना ही अपने लंड का रस मेरी चूत में डाल देना।

यह देख कर खुद मेरी चूत गीली हो रही थी आदा घंटे तक चुदाई करने के बाद नरेश ने अपना वीर्य मामी की चूत में डाल दिया.वीर्य चूत से बाहर आरहा था.यह देख कर सतीश ने मेरे बाल पकड़ कर मेरा मुंह मम्मी की चूत पर रख दिया और बोला ,साली देखती क्या है ,जल्दी से चूत का सारा रस चाट ले.क्या तझे अपने भाई के लंड का और माँ की चूत का रस पसंद नहीं है.पी ले पी ले.इससे तुजे हमारे लंड झेलने जे लिए ताकत मिल जाए गी.और हमारे लंड लेने में दर्द नहीं होगा। अब तेरी बारी हैपाहिले किसका लंड लेगी.और तीनों में अपने लंड मेरे सामने निका कर दिखाए.सभी लंड काफी बड़े थे .मेरे सनझ में नही आ रहा था की मैं कौन सा लंड लूँ मैं माँ की तरफ देखने लगी.माँ ने बी तीनों लंड देखे और बोली तुम लोग खुद तय करो.लेकिन समझ लो मेरी लड़की ने अभी तक लंड का स्वाद नहीं लिया .अजीत बोला यह तो और अच्छी बात है आपके सामने ही आपकी लड़की की चूत का उदघाटन होगा .आपकी लड़की किस्मतवाली है.एकसाथ तीन लोगों से सुहागरात मना रही है.भविष्य में उसे लंड लेने में कोई तकलीफ नहींहोगी.हम पाहिले सबसे बड़े लंड से चूत की सील तोड़ेंगे.तुम उसे हिम्मत दिलाना.की वह लंड बर्दाश्त कर ले।
मम्मी ने मेरी चूत में अपनी जीभ डाल कर उसे चिकनी कर दी ,और बोली बेटा हरेक लड़की को एक न एक दिन लंड लेना पड़ता है.मुझे भी फले दर्द हुआ था ,लेकिन आज मैं हरेक तरह के लंड आराम से ले सकती हूँ.औरत की जिन्दगी तो सिर्फ चुदवाने के लिए होती है.चाहे उसका पति चोदे या कोई और .इसलिए तू आराम से चुदवाले मैं तेरे पास रहूँगी.और तेरी चूत फैलाती रहूँगी ताकि लंड में जगह बनाती रहे।
मम्मी के समाजाने प् मैं तैयार हो गयी और टांगें फैला कर पलंग पर लेट गयी.अजित का लंड सबसे बड़ा करीब ११ इंच का था.अजीत ने लंड का सुपारा चूत के छेड़ पर रखा और लंड धीमे धीमे घुसाने लगा.जब आधा लंड अन्दर चला गया तो मम्मी बोली पूनम शाबाश.हिम्मत राखो.अजीत लंड थोड़ा सा बाहर निकऔर एक जोर दार धक्का मारा .लंड चूत को फाड़ते हुए पूरा अन्दर चला काया.मैं जोर से चीलाई मम्मी बचाओ मेरी चूत फट रही है .यह लंड भुत बड़ा है.मम्मी बोली धीरज रखो आगे से छोटे लंड से तुम्हारी चुदायी केंगे.चूत से खून आ रहा था.लेकिन अजीत लगा तार धक्क्के मार रहा था.मम्मी भी अपनी चूत में उंगली कर रही थी.और मजे ले रही थी.नरेश का लंड दोबारा खडा हो गया था.बीस मिनट के बाद मुझे मजा आने लगा.छुट से फचाफाच फच फच की अवा आने लगी।
मम्मी बोली पूनम अब तुम चुदवाने के लिए काबिल हो गयी.और मेरी तरह रोज चुदवायाकरोगी। .बाद में दोनों बाक़ी लोगों ने मेरी जम कर चुदाई की .और मामी की दोबारा गांड मारी.सतीश मेरे भाई से बोला तुम भी पूमम की सील टूटी चूत का मजा लेलो ऐसा मौक़ा तो तुम्हे फिर और भी मिलेगा.मम्मी बोली बेटा फिन के आगी अपनी माँ को नहीं भूलना,मुझे भी लंड देते रहना.तुम्हारा जवान लंड है .अब पापा के लंड में मेरी चूत की प्यास बजाने कीताकत नहीं रही,जातेजाते तीनो लुटेरों ने सारे जेवर और रुपये वापस कर दिए और बोले आंटी आपने और पूनम ने बड़ा मजा दिया,जब भी हमारे लद की जरूरत हो याद कर लेना ,अजीत बोला पूनम की चूत बड़ी मस्त है.काश मेरी शादी पूमम से हो जाती।
मम्मी ने पूछा बोलो पूनामतुम्हें अजीत का का लंड कैसा लगा,उम अजीत से शादी करोगीई मैं तैयार हो गयी
आज मैं अजीत की पत्नी हूँ .और अजीत से रोज चुदती हूँ.बाक़ी लोग भी कभी मुझे और कभी मेरी मम्मी की की चुदायी करने आते रहते हैं।
हमारा दहेज़ का खर्चा बच गया.अगर किसी लड़की को दहेज़ का खर्चा बचाना हो तो वह,पाहिले ही अपनी चूत किसी को देदे
आपकी पूनम २६.१२.०९

Thursday, December 24, 2009

मैं कालगर्ल क्यों बन गयी?
दोस्तों मेरा नाम नमिता शर्मा है.इस समय मेरी आयु सिर्फ १९ साल है.मैं आज अपनी सच्ची कहानी बता रही हूँ,जो लोग मुझे चोदना चाहते हैं वे ध्यान से पढ़ें ।
जब मैं दस साल की थी तब से मुझे सेक्स के बारे में काफी उत्सुकता थी.लें उस समय मुझे सेक्स कके बारे में पूरा ज्ञान नहीं था.जब मैं पड़ोस के छोटे छोटे नंगे बच्चों की देखती थी तो चुपचाप से उनके लंड पकड़ कर हिलाती थी.जिस से लंड कडक और लम्बे होजाते थे .इस से मुझे बड़ा ताज्जुब होता था की .ऐसा क्यों होता है.छोटा सा लिजलिजा लंड कैसे बढ़ जाता है।
जब भी कोई किसी को गांड मारने की गाली देता था,तो मैं सोचती थी की.मर जाने बाद गांड दुबारा ज़िंदा कैसे हो जाती है.जब मैं लोगों के मुंह से, मादरचोद,बहिन के लौड़े,बहिनचोद.चूतिया जैसे शब्द ध्यान से सुनाती थी.और दुहराती थी तो मुझे कहा जाता था की यह गंदे शब्द हैं .मुझे यह बात समझ में नही आती थी की यदि यह शब्द गंदे है ,तो सब लोग इनका धड़ल्ले से प्रयोग क्यों करतेहैं।
इसीतरह जब मैं टीवी या सिनेमा में सुहागरात के सीन देखती थी तो मेरी चूत गीली हो जाती थी.मैं सोचती थी की सुहागरात की जगह सुहाग दिन क्यों नहीं होता.आखिर इसे रात में ही क्यों मनायाजाता है,ऐसे कई प्रश्न थे.जब हनीमून में लड़की को पहिली दर्द होता है तो वह बार बार क्यों चुदवाती हैं,
एक दिन मुझे अपनी एक ख़ास सहेली गौरी मिल गयी.मैं अक्सर उसजे साथ इन्हीं बातों पर चर्चा किया करती थी.एक हफ्ते पाहिले ही उसकी शादी हुयी थी.वह अपने पति अनुज केसाथ हनीमून मना कर घर आयी हुई थी.उसका पति भी अपनी ससुराल आया था.मैं ने गौरी से हनीमून के बारे में पूछा तो उसने कहा की मैं सारी बातें ,केवल थ्योरी ही बता सकती हूँ,अगर तुमें प्रक्टिकल ज्ञान चाहिए तो मेरा पति.तुम्हें सब कुछ समझा देगा।
शादी के समय मैंने गोरी के पति को देखा था.काफी स्मार्ट और सुन्दर था.मैं ने कहा ,गोरी मैनानुज से अकेले में मिलना चाहती हूँ.और सबकुछ सीखना चाहती हूँ,गोरी ने मुझे मंगलवार रात के दस बजे घर आने को कहा था.उस दिन घर के सारे लोग दो दिनके लियी बहार गए थे .सिर्फ आनुज और गोरी घर पर थे.मैं ठीक समय पर पहुँच गयी.गोरी और अनुज ने मेरा गर्मजोशी से स्वागत किया.और अपने पलंग पर बिठाया.मुझे व्हिस्की के दो बड़े पेग पीने को दिए.उस समय वह सिर्फ ब्रा और पेंटी पहिने हुए थी.गोरी ने मुझे भी ऐसा करने को कहा.और कहा की इस से तुम्हारी झिझक निकल जायेगी.गोरी बोली ,अनुज अब तुम्हारी शिष्या तैयार है.इसे सब कुछ सिखाओ मैं तुम्हारी मदद करूंगी.गोरी बोली अब तुम अनुज का लंड बाहर निकालो और उसे प्यार से चूसो.जैसे ही मैं ने लंड बाहर निकाला वह स्प्रिंग की तरह सीधा खडा हो गया.उस १ १ इंच के लंड को देख कर मैं भौंचक्का रह गयी.गोरी बोली नमिता क्या सोच रही हो .मैं ने हनीमून में सात दिन तक इसी लंड से लगातार जमके चुदाई करवाई है .यह कहते ही वह फ़ौरन नंगी हो गयी.मैं ने देखा की उसकी चूत का छेद थोड़ा खुला हुआ था.शायद यह अनुज के लंड का कमाल था.मैं पहले तो थोडासा शरमाई फिर लंड को आइसक्रीम की तरह चूसने लगी.मेरी चूत में अजीब सी सुरसुरी हो रही थी.लंड का गुलाबी मोटा सुपारा देख कर मुझे वह लंड अपनी चूत में लेने की इच्छा होने लगी.गोरी बोली आनुज ज़रा आराम से करना नयी चूत है.और मुझ से बोली नमिता ,डरना नहीं ,सिर्फ थोड़ा सा दर्द होगा.इसकी बाद मजा ही मजा .ज़रा अपनी चूत ढीली रखना.गोरी ने मेरी कामर के नीचे एक तकिया रख दी.अनुज ने अपनाल्न्द मेरी चूत के छेद पर रखा और और एक झटके में एक चुथाई लंड अन्दर घुसा दिया.मुझे दर्द होने लगा.तो अनुज रुक गया.फिर जोर से इतने जोर का ढका मारा की पूरा लंड मेरी चूत को फाड़ते हुए चूत में समा गया.मई दर्द के मारे हाय हाय ओह ओह उफ़ उफ़ करने लगी,गोरी मेरी चूचियां चूसने लगी और अपनी वहुत मेरे मुंह पर रखदी.चूत का नमकीन टेस्ट लेने से मेरा दर्द कुछ कम हो गया.दस मिनट के बाद अनुज ने लंड अन्दर बाहर करने लगा.और लंड चूत में आराम से जाने लगा.मुझे मजा आने लगा तो मैं अपनी चूत ऊपर उछालने लगी,अनुल मशीन की तरह चुदायी कर रहा था.मैं ने मस्त होकर अनुज की कमर पर हाथ रख दिए .पूरे कमरे में फच फच फच की आवाज के साथ मेरी ओहोहोह की आवाज आ रही थी.मुझे ऐसी इच्छा हो रही थी की अनुज अपने लंड के साथ अपने दोनों अंडकोष भी मेरी चूत में डाल दे.मुझे बहुत मजा आ रहा था.मुझे पता चल गया था की चूत में लंड डलवाने में काऐसा आनंद आता है.तब से मैं हरेक लंड अपनी चूत में डलवाना चाहती हूँ.एक घंटे की चुदाई के बाद अनुज ने मेरी चूत में अपना गर्म गर्म मेरी चूत में डाल दिया.मेरी चूत में ठंडक हो गयी।
गोरी ने मेरी चूत का सारा रस चाट लिया और अनुज का लंड चूसने लगी.दस मिनट के बाद लंड दोबारा तैयार हो गया.गोरी ने मुझे पंग पर घोड़ी बनाया और मेरी गांड को ऊपर करके गांड पर तेल लगा दिया.और बोली अब दूसरे पाठ के लिए तैयार हो जाओ.अनुज लंड गांड के छेड़ अपर रख दिया.और धीमे धीमे लंड गांड में सरकाने लगा.मुझे ऐसा लग रहा था जैसे किसी ने मेरी गांड में लोहे जा गर्म डंडा डाल दिया हो.गोरी लगातार मेरी गांड को सहला रही थी गांड फैला कर लंड के लिए जगह बना रही थी.ताकि लंड पूरा चला जाये.दर्द से मेरा चेहरा लाल हो रहा रहा.लेकिन अनुज लंड डालने में लगा रहा.अखिर्मेरी गांड पूरा लंड लील गयी.फिर अनुज ने ऐसे जबरदस्त ढकी मरे की मेरी गांड ओ\पोली हो गयी.हर ढकी पर मैं उछल पडती थी.जब गांड मेंलंड के लिए जगह हो गयी तो लंड गपागप आने लगा। मुझे भी माजा आने लगा मैं खुद अपनी गांड लंड की और कर दी थी.ताकि पूरा लंड गांड में चला जाए.मैं अनुज से बोली अनुज जोर जोर से डालो .फाड़ दो साली मेरी गांड को.हाय अनुज बहुत मजाआ रहा है.लंड कमाल का है .मेरी चूत से फिर से पानी आ रहा है.अपनी स्पीड तेज करो.पूरी ताकत से धक्के मारो.ओह ओह कितना मजा आ रहा है.गांड में चूत से दोगुना मजा आ रहा है।
गोरी बोली नमिता अब समझ गया की सुहागरात में कैसा मजा आता है.बताओ लंड कैसा लगा.मैं नेकहा मई इस मजे के लिए सारी दुनिया के मजे छोड़ दूंगी.चुदाई के आगे सारे मजे बेकार हैं.मेरी तो ऎसी इच्छा हो रही है की मैन्रात्दीन इसीतरह हरदम सुहागरात मनाती रहूं और लंड के मजे लेती रहूं.काश मेरी यह इच्छा पुरी हो जाए।
तभी अनुज बोला नमिता चिंता नहीं करो,मैं तुम्हारी यह इच्छा पूरी करने का वादा करता हूँ.मैंतुम्हें एक हाइक्लास कालगर्ल बना दूँगा.ताकि तुम रोज रोज सुहागरात मना सको .और नए नए लंड लेकर अपनी चूत और गांड से मजा लेती रहो
बाद में अनुज अपना वायदा पूरा कर दिया,और मुझे अपने साथ भोपाल ले गया.वहां उसने शर से दूर एक बड़ा सा बंगाल खरीद लिया है.और रोज मेरे लिए ग्राहकों का इंतजाम भी करता है,दिखाने के लिए मैं एक कपानी में काम करती हूँ.लेकिन मेरा असली धंदा चुदवाने का है,मेरे ग्राहकों में बड़े बड़े ऑफिसर, नेता,धनी लोग तथा पुलिस वाले भी सामिलहैं .बाद में गोरी भी इस धंदे में शामिल हो गयी इस धंदे में लंड और पैसों की कोई कमी नहीं है.आखिर घरेलू औरतें भी तो अपने पति से चूत के बदले उनका पैसा ले लेती है.फिर चूत के बदल पैसा कमाना कौन सा अपराध है.बताइये आपका क्या कहना है?
हम तो अपनी चूत खोल कर आपके इंतज़ार में बैठे हैं.आइये हमारी चूतों का मजा लीजिये.आप को ऐसा खुश कर देंगे की आप हमेशा अपना लंड हाथ में लेकर हमारे पास आयेंगे।
आपके लंड के इंतज़ार में ..सदा चुदासी नमिता शर्मा।
२४ दिसंबर ०९

Tuesday, December 22, 2009

इन्द्रीजीत बाबा बाबा लगभग दो साल पहले मेरे गाँव में आये थे .उनके साथ दो चेले भी थे.जिनका नाम गोपाल और किशन था.दोनों की उम्र करीब २५ ,२७ की थी.बाबा ने अपना आश्रम गाँव से कुछ दूर एक पहाड़ी की गुफाओं में बना बनाया था। बीच में एक छोटी सी नदी थी .जिस में बहुत कम पानी रहता था.लोग आसानी से नदी पार करके बाबाजी के पास चले जाते थे.बाबा रोज सवेरे चार बजे एक घंटे योग करता था.और सवेरे शाम आठ बजे पूजा आरती करता था.बाबा के दोनों चेले गाँवसेबाबा के लिए खाने पीने का सामान माग लेजाते थे.चेले गाँव वालों से कहते थे की बाबा ने योग से बड़ी बड़ी सिध्धियाँ हासिल की हैं। .लेकिन बाबा में कुछ और ख़ास बातें भी थीं.एक तो बाबा का लंड बहुत बड़ा था। लगभग १२ इंच लंबा और मोटा.बाबा जितनी देर चाहे अपने लंड को खडा कर सकता था.बाबा अपने लंड को महालिंग कहता था .और उसके चेले उस लंड को जीवित शिवलिंग बताते थे और उसकी पूजा करवाते थे.धीमे धीमे बाबा ने अपनी गुफा में चार बड़े बड़े पक्के कमरे बनवा लिए थे.एक कमरे में बैठ कर लोगोंकी समस्याएं सुनता था।बाबा रोज सवेरे शाम आठ बजे एक अजीब सा योग करता था.बाबा के चेले उसके सामने एक बर्तन में करीबआधाकिलो दूध रख देते थे। बाबा अपना लंड उस बर्तन में डाल देता था, और अपने लंड से सा दूध अन्दर खींच लेता था.बाद में दस मिनट के बाद सारा दूध लंड से बर्तन में वापिस निकाल देता था.फिर वही दूध भक्तों में प्रसाद के रूप में बाँट दिया जाता था.चेले उस दूध को लिंगामृत कहते थे.और लोग उसे बड़ी श्रध्धा से पी लेते थे.बाबा के लंड में बड़ी ताकत थी वह अपने लंड से भारी भारी चीजें उठा लेता था,शिवरात्री के दिन वह अपने लंड से एक कार को दूर तक खींच लेजाता था.वह यह चमत्कार सार्वजनिक रूप से करता था.इसलिए आसपास के गाँव वाले उस लंड की पूजा करतेथे.औरतें उस लंड पर तिलक लगाती थीं.लेकिन डरती भी थीं .की अगर ऐसा लंड किसी की चूत में डाला जाएगा तो वह औरत लंड से जरूर मर जायेगी।लोग यह भी कहते थे की बाबा से भूत प्रेत भी डरते हैं और वह हर बीमारी का इलाज का सकता है.बाबा ने ऐसे कई लोगों को ठीक किया था ,जिन्हें डाक्टर भी ठीक नहीं कर पाए थे।ऎसी एक औरत गोमती थी.शादी के तीन साल होने के बाद भी उसे क्कोई औलाद नहीं हुयी थी.उसने सब जगह जांच करवायी लेकिन उसे कोई औलाद नहीं हुई। आखिर वह बाबा के पास गयी। बाबा ने उसकी जाँच की और कहा की गोमती तेरी कोख में एक बुरी आत्मा का वास है। जिसे निकालना बहुत जरूरी है। तभी तुझे औलाद होगी.लेकिन इसके लिए तुझे बिना किसी को बताये मेर आश्रम में चार दिन के लिए रहना पडेगा। मैं एक ख़ास तरह का अनुष्ठान करूंगा। जिसमे मेरे चेलों के अलावा और कोई नहीं हिगा.टू यह बात अपने पति को भी नहीं बताना.अगर बता देगी तो तो सब कुछ बेकार हो जाएगा। गोमती तैयार हो गयी। बाबा ने गोमती को अमास्या की रात को आने के लिए कहा। बाबा ने कहा की आने से पहले आआपना पूरा शरीर ठीक से साफ़ कर लेना.सिर्फ सीए के बालों को छोड़ कर सारे बाल साफ़ कर लेना.चूत और गांड में एक भी बाल नहीं होना चाहिए.चूत और गांड के बाल देख कर महालिंग नाराज हो जायेंगे और औलाद का वरदान नहीं देंगे।गोमती निर्धारित दिन और समय पर आश्रम में पहुँच गयी.चेलों ने गोमती से पहले पेशाब करने को कहा.और उसे बात रूम में ले गए फिर गोमती की गांड में एनिमा लगा कर उसकी गांड अन्दर से अच्छी तारह से साफ़ करा दी.फिर एकख़ास तरह का तेल गोमती चूत और गांड में उंगली से अन्दर तक लगा दिया.गोमती को मजा सा आ रहा था.फिर चेलों ने गोमती के बदन पर खुशबू लगा कर बाबा के तहखाने वाले कमरे में भेज दिया.बाबा ने कहा आओ गोमती लिंगामृत का पान करो.यह कहते हुए बाबा ने अपना लंड बाहर निकाल दिया,उस विशाल लंड को देख कर गोमती काँप गयी और डरने लगी.तभी दोनों चेले अन्दर आ गए और दरवाजा बंद कर लिया.बाबा ने गोमाती को एक दवा पिलायी .दवा पीते ही गोमती की चूत और गांड में अजीब सी मस्ती भर गयी .उसे ऎसी इच्छा होने लगी की बाबा अपना लंड उसकी चूत में जल्दी से घुसा दें ,और मुझे चोददें .बाबा ने चेलों से कहा.गोपाल गोमती को चोदासन पर लिटा दो .और मजबूती से पकडे रहना.,गर्भाधान अनुष्ठान में बाधा नहीं होना चाहिए.गोपाल ने गोमती से कहा तुम अपना शरीर बाबा को आर्पित कर दो.अब से बाबा के लिंगराज तुम्हारे पति होंगे.तुम उनके हर आदेश का पालन करना.फिर दोनों चेलों ने गोमती के उरोजों को मसलना शुरू कर दिया.गोमती मस्त हो रही थी और बार बार अपनी कमर उछालने लगी.एक चेले ने अपना लंड गोमती के मुंह में दे दिया जिसे वह चूसने लगी.तब तक सभी लोग पूरी तहः से नंगे हो गए थे। बाबा ने अपना लंड गोमाती को दिखा कर कहा,गोमती इस लंड को आदर से अपनी चूत में अन्दर तक लेना.इसी के प्रसाद से तुम्हे औलाद मिलेगी.इससे ऐसा मजा मिलेगा की तुम सदा लंड को याद करोगी.गोमती ने कहा बाबा इस लंड से मेरी चूत तो नहीं फट जायेगी.मैं मर तो नहीं जाउंगी.बाबा बोला इस से तुम मरोगी नहीं ,बल्कि तुम्हें जिन्दगी का असली मजा मिलेगा.तुम्हारी चूत पवित्र हो जायेगी.गोमती बोली कहीं यह लंबा लंड मेरी चूत में घुस कर मेरी गांड से बाहर निकल गया तो.बाबा बोला तुम दरो नही किशन अपना लंड तुम्हारी गांड में घुसाए रखेगा। .इससे मेरा लंड तुम्हारी चूत से बाहर नहीं जाए गा.गोमती का भय निकल गया ,और वह बाबा का लंड लेने को तैयार हो गयी. इसके बाद बाबा ने अपना लंड गोमती की चूत में घुसाना शुरू कर दिया.आदा लंड जाने तक गोमती लंड सहत्त रही ,लेकिन जब लंड और आगे जाने लगा तो वह चीखने लगी और अपने हाथ पैर पटकने लगी.गोपाल और किशन ने गोमती को मजबूती से जकड लिया,ताकि वह हिलडुल नहीं सके.गोमती बोली बाबा लंड मेरे मुंह तक घुस गया है अब मैं नहीं सह सकती हूँ.यह सुनकर किशन ने अपना लंड गोमती के मुंह में घुसा दिया.और बोला की अब बाबा का लंड तुम्हारे मुंह से बाहर नहीं निकलेगा.बाबा बोला गोमती जब तुम्हारी चूत का भूत निकल ज्जायेगा तो तुम तीनों लोकों की सैर करोगी .किशन और गोपाल के लंड को मुंह में लेकर स्वर्ग की, मेरे लंड को चूत में लेकर पृथ्वी की और अपनी गांड में लंड लेकर पाताल की सैर करोगी.और इन लंड के वरदान से तुम्हें औलाद मिलेगी.इसलिए तुम चुपचाप चुदवाती रहो। औरमेरे लंड का ध्यान करो। अपनी चूत को भूल जाओ।
फिर बाबा गोमती को दनादन चोदने लगा.जब बाबाका पूरा लंड अन्दर चला गया तो गोमती की चूत से खून की कुछ बूँदें निकलीं.अब चूत में लंड के लिए जगह होने लगी थी .बाबा धक्के पर धक्का मार रहा था.गोमती लगातार हाय हायोह ओह उफ़ उफ़ अरे अरे उ उ उफ़ जसी आवाजें निकाल रही थी। बीइच बीच में वह किशन का लंड भी चूस लेती थी जो उसे अच्छा लग रहा था.गोमती की चूत से फच फच फच की आवाज साफ़ सुनायी दे रही थी.चेले बोले बाबा आप तो बहुत बड़े संगीतकार हैं .आपने चूत में भी संगीत पैदा कर दिया है। आप धन्य हैं.करीब चालीस मिनट तक चुदानी के बाद गोमती को भी मजा आने लगा.वह मस्त होकर बाबा का लंड उछल उछल कर चूत में लेने लगी.और चुदायी का भरपूर आनंद लेने लगी। उसकी चूत से लगातार रस बह रहा था.तभी गोमती ने बाबा को जोर से पकड़ लिया। बाबा समझ गया की गोमती की चूत ने पानी छोड़ दिया है.तभी बाबा ने चुदायी की स्पीड तेज करदी.गोमती मस्त होकर सी सी सी उह उहकरने लगी.बाबाने फ़ौरन अपने लंड का पानी गोमती चूत इतनी जोर से छोड़ा जैसे कोई पिचकारी से पानी छोड़ता है.बाबा का वीर्य गोमती की बच्चेदानी में सीधा अन्दर तक चला गयी.बाबा ने करीब एक कप वीर्य गोमती की चूत में डाल दिया.जो चूत से बाहर बहाने लगा..गोमती के चहरे पर संतुष्टी के भाव छलक रहे थे.गोमती ने बाबा के लंड को प्रणाम किया। जा बाबा जाने लगा तो गोमती बोली बाबा यह विचारे गोपाल और किशन कब से चुदायी लीला देख रहे थे .आप आदेश करें तो यह भी,अपने लंड से मुझे उपकृत करदें .बाबा बोला लेकिन्याह दोनों गांड के बड़े रसिया हैं। यह जमकर तुम्हारी गांड मारेंगे.गोमती बोली जब मेरी चूत मजा ले चुकी है तो बिचारी गांड भी मजा क्यों नहीं ले.बाबा बोला जैसी तुम्हारी मर्जी.लेकिन्न तुम्हें अगले अमावस्या तक रोज ऐसे ही चुदवाना पडेगा.सचमुच तुम्हारी चूत बड़ी ही मस्त है इसने मेरे लंड को खुश कर दिया.मेरी इच्छा है की मैं रोज तुम्हारी चुदायी करूं.गोमती बोली बाबा मैं आज अपनी चूत और गांड आपको समर्पित कर रही हूँ। आप जो चाहें सो करें.बाबा बोला मैं अगली बार तुम्हारी गांड भी मारूंगा.क्योंकि मेने सोचा की जब चूत इतनी मजेदार है तो गांड कितनी मजेदार होगी।
गोमती बोली बाबा आपकिशन गोपाल को भी चुदायी समय जरूर बुलावा लिया करें.बाबा ने पूछा क्योंगोमती ने कहा क्योंकि इअपने लंड का स्वाद चखा दिया था.और मेरी चूत को आपके लंड के सहने के काबिल बना दिया था.तभी तो मैं आप का इतना बड़ा लंड झेल गयी थी.बाबा हंस कर बोला इसीलिए तो लोग कहते हैं की गुरु गुड और चेला शक्कर
२२ दिसंबर २००९ आपका चूत प्रेमी

Thursday, December 10, 2009

लंड कन्याएं दोस्तों मेरा नाम अशोक है। मेरी आयु २४ साल है.मैं अजमेर में पिछले तीनसालों से टूरिस्ट गाइड का काम कर रहा हूँ,मेराकाम टूरिस्टों को होटलों में ठहराने और शहर घुमाने का है.कयी बार विदेशी टूरिस्ट भी मिल जाते हैं.जिन से काफी कमाई हो जाती है .इस लिए मैंने अंग्रेजी,स्पेनिश और इटालियन भाषा भी सीख रखी है.मैं टूरिस्टों की तलाश ने रेलवे स्टेशन और बस अड्डे पर चक्कर लगाता रहता हूँ.काफी दिनों से मेरी इच्छा किसी विदेशी लड़की को चोदने की थी.लेकिन आज तक कोई ऐ\ऐसा मौका नहीं मिला था। वैसे मैंने अपने ही शहर की कई लड़कियों को चोदा है.मेरा लंड भी ९ इंच का है .जिसे लडकियां बहुत पसंद करती हैं.एक दिन मेने रैलवा स्टेशन पर दो विदेशी लड़कियों को देखा ,जो काफी परेशान दिखाई दे रहींथीं और फोन पर किसी से जोर जोर से बातें कर रही थीं.मेंने हिम्मत कर के उन से पूछा की क्या मैं आपकी कोई मदद कर सकता हूँ.मेने उन्हें अपना आई कार्ड दिखाया.और उनकी समस्या के बारे में पूछा .तो उन्होंने बतायाकि उन्होंने जिस होटल में अपना कमरा बुक किया था वह कन्फर्म नहीं हो सका है.इसलिए उन्हें सिर्फ़ दो दिनों के लिए ठहराने की व्यवस्था चाहिए .मेने दो तीन होटलों से पता किया लेकिन कहीं जगह नहीं मिल सकी.इस से दोनों लडकियां काफी निराश हो गयीं.उन में एक लड़की काली और दूसरी गोरी थी.जब मेने उनके बारे में पूछा तो काली ने अपना नाम फ्रेंकी बताया और आयु २४ साल बतायी .दूसरी लड़की का नाम ब्रियाना बताया.आयु २२ साल.दोनों अमेरिकन थीं लेकिन फ्रेंकी ब्राजीलियन थी.दोनों अजमेर का पुष्कर मेला देखने आयीं थीं और उन्हें दो दिन बाद ही अपने देश वापिस जाना था। मेला के कारण सभी होटलों केसारे कमरे भरे हुए थे.तभी मुझे अचानक याद आया की मेरे दोस्त बंटी का अजमेर से २० मील दूर ख़ुद का एक फार्म हाउस है .जिसका बंगला खाली पडा हुआ है ,मेने लड़कियों से पूछा की अगर वह चाहें तो में उस बंगले में उनके रहने की व्यवस्था करा सकता हूँ ,ऎसी दशा में और कोई उपाय नहीं है.मेने लड़कियों को भरोसा दिलाया की की उन्हें मेरे दोस्त के बंगले कोयी डर नहीं होगा,वह आराम से जितने दिन चाहें रह सकतीं हैं.उनके लिए सारा इंतज़ाम कर दिया जाएगा.और उन्हें इसके लिए कोई पैसा भी नहीं देना पडेगा.दोनों फ़ौरन तय्यार हो गयीं।मेने उनका सामान टेक्सी में रखवाया.और,अपने दोस्त को फोन से बताया की वह जल्दी से खाने पीने का सारा सामानौर दो बोतल व्हिस्की लेकर जल्दी से अपने फार्म हाउस वाले बंगले पर पहुँच जाए आज मेने दो विदेशी लड़किया फांस ली हैं.जिसमे एक गोरी और एक काली है.अगर किस्मत ने साथ दिया तो मिल कर दोनों की चुदायी करेंगे,मेरा दोस्त बंटी भी विदेसी चूत का दीवाना है उसकी उमर २२ साल है .वह थोड़ी अंग्रेजी भी जानता है.वह एक घंटे में ही सारा सामान लेकर आगयी.यह देख कर लडकियां बहत खुश हो गयीं.और थैंक्स देने लगीं.फ्रेश होने के बाद हम सब सोफे पर बैठगए.मेने चार पैग बनाए और प्लेट\में चिप्स और काजू रख दिए .फ़िर हम बातें करने लगे.मेने लड़किओं से पूछा की क्या वह अपने देश में जाकर शादी करने जा रही हैं.तो वह बोलीं एसा नहीं है .हम लोग लोग शादी में विशवास नहीं रखते.हम तो ओपन सेक्स में विशवास रखते हैं .हमारा मानना है की हमारा जीवन सिर्फ़ सेक्स के लिए ही बना है.हर इंसान को मरते दम तक सेक्स करना चाहिए.दुनिया में इस से अच्छा कुछ भी नहीं है.हमारा शरीर मौजमस्ती के लिए ही बना है.इतना सुनते ही मेरे दोस्त ने फ्रेंकी को चूम लिया.और बाहों में ले लिया.फ्रेंकी ने भी मेरे दोस्त को चूम कर उसके मुंह में अपनी जीभ घुसा दी . मेरे दोस्त का लंड खडा हो गया था.फ्रेंकी ने उसके पेंट को खोल कर लैंड बाहर निकाला और चूसने लगी लड़कियों ने भी अपनी अपनी शर्ट निकाल दी.उनके बड़े बड़े गोरे काले बूब्स बड़े सेक्सी लग रहे थे.मैं ब्रियाना के मम्मे दबाने लगा और चूसने लगा.मरे दोस्त का लैंड १० इंच का है.फ्रेंकी उसे मुंह में लेकर चूसने लगी .मेरा दोस्त फ्रेंकी को नंगा करना चाहता था.और चोदना चाहता था.जब उसने फ्रेंकी के कपड़े उतारे तो वह भौंचक्का रह गया.लड़की की जाँघों के बीच में चूत की जगह १२ इंची लंबा मोटा लंड लटक रहा था.यह देख कर मैंने भी ब्रियाना के कपड़े उतार दिए.वहाँ भी लंबा लंड चमक रहा था.,जिसका सुपारा खुला हुआ था.मरे दोस्त को समझ में नहीं आ रहा था.यह क्या माजरा है .वह मेरी तरफ़ देखने लगा,मैंने उसे समझाया की यह लडकियां नहीं बल्कि लंड कन्याएं हैं.इन्हें विदेशों में शीमेल या लेडी बॉय कहते हैं.दुनिया में ऎसी लाखों लेडी बॉय हैं.यह अक्सर गांड मरवाती हैं और मार भी सकती हैं .यह लड़कियों की चुदायी भी कर सकती हैं.अगर कोई एक बार इनकी गांड मार लेगा तो वह चूत को भूल जाएगा.क्योंकि इनकी गांड काफी टाइट होती है.जिसमे लंड पुरी तरह से फिट हो जाता है.इनसे गांड मरवाने से भी बहुत मजा आता है .और मारने वाले को चूत से दस गुना आनंद आता है।तभी फ्रेंकी ने मेरे दोस्त को झुकने कहा,जिस से मेरे दोस्त की गांड साफ़ दिखायी देने लगी फ़िर फ्रेंकी ने अपने बैग से एक क्रीम निकाली और मेरे दोस्त की गांड पर लगा दी मेरे दोस्त की गांड लुप्लुपा रही थी.फ्रेंकी ने अपने लंबे मोटे काले लंड का सुपारा मेर डी\दोस्त की गांडछेद केपर रख दिया.सुपारा गांड में घुस गया.फ़िर धीमे धीमे आधा लंड अन्दर उतार दिया.और जोर का एक ऐसा ढका मारा का सारा लंड गांड फाड़ कर भीतर चला गया.मेरादोस्त चिल्लाया अशोक मेरी गांड फट रही है .इसने मेरी गांड में मूसल घुसा दिया है.मेने कहा ज़रा हिम्मत रखो। कुछ नहीं होगा.पाँच मिनट बाद फ्रेंकी ने लंड की स्पीड तेज कर दी.और दनादन गांड मारने लगी.दोस्त की गांड ढीली हो चुकी थी.वह मज़े से गांड मरवा ने लगा.उसे मजा आने लगा.बीस मिनट तक गांड मारने के बाद फ्रेंकी ने लंड बाहर निकाला.और अपना सारा वीर्य मेरे दोस्त के मुंह में निकाल दिया .जिसे वह बड़े मजे से पी गया.फ़िर फ्रेंकी ने मेरे दोस्त लंड चूस कर उसे खडा किया और अपनी गांड सामने कर दी.मेर दोस्त ने भी दबादब फ्रेंकी गांड मारना शुरू करदी.उसे अपना बदला भी लेना था.उसने फ्रेंकी की इतनी जोर से गांड मारी की वह हर धक्के पर ओह ओह ओ माय फक .फक मी .फक मी.उ उ उ .करीब चालीस मिनटतक गांड मारने बाद ही मेरा दोस्त झड़ सका ।इसी तरह ब्रियाना मेरी और मैंने उसकी रात तक गांड मारी.इतना मजा हमने जिन्दगी में नहीं पाया था।सवेरे ब हम सो कर उठे तो हमारी गांड सूजी हुयी थीं.लेकिन हम बहुत खुश थे,हम अजमेर के पाहिले व्यक्ति थे जिन्होंने लंड कन्याओं की गांड मारी और उनसे गांड भी मरवाई थी.बाद में हम सब एक साथ बैठे और अपना वीर्य निकाल कर एक ग्लास में डाला और व्हिस्की में मिला कर सबने पीया.और हमेशा के लिए दोस्ती पक्की कर ली।आज भही हमें ऎसी और लंड कन्याओं की तलाश है .अगर आप को मिलें तो गांड जरूर मरवा लें




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घोड़ाशंकर वैसे तो उसका नाम भोलाशंकर तिवारी था।मुहल्ले के सभी लोग शंकर दादा या शंकर भाई कहते थे.लेकिन सभी औरतें और लड़कियां उसे घोड़ा शंकर इस लिए कहते थे क्योंकि शंकर का लंड आम आदमी से काफी बड़ा और मोटा था। ऐसा लगता था की कुदरत ने तीन चार लंड मिला कर शंकर का लंड बनाया था.शंकर कोई काम नहीं करता था.लोगों से जबरन वसूली किया करता था.शंकर के थाने में कई केस भी दर्ज थे.शंकर हमेशा अपने हाथ में एक डंडा भी लिए रहता था.और अपने कुरते में एक चाकू भी रखता था.इसी सभी उस से दूर ही रहने में भलाई मानते थे.शंकर की इसी लिए शादी भी नहीं हुई थी। औरतें आपस में कहती थीं की हाय राम इतना लंबा लंड अगर किसी की चूत में घुसेगा तो वह औरत जरूर मर जायेगी.एक बार कोठे में नेपाल की एक लड़की लायी गयी थी,उसे शंकर के शंकर के लंड के बारे में कुछ भी पता नहीं था.जैसे ही शंकर ने अपना दानवी लंड उस नेपाली लड़की की चूत में घुसाया वह वह एक भयानक चीख मार कर बेहोश हो गयी .उसकी चूत फट गयी और चूत से खून बहने लगा.बाद में उस लड़की को अस्पताल ले जाना पडा.जहाँ एक हफ्ते तक उसका इलाज किया गया था.तभी वह दोबारा चुदवाने के काबिल हो सकी थी.इसीलिए लड़कियां शंकर से दूर हीरहती थीं।शंकर के मकान से कुछ दूर एक गली में दो लडकियां चम्पा और चमेली अपनी मौसी के साथ रहती थीं.चम्पा २१ साल और चमेली १७ साल की थी .जब वह छोटी थीं तो उनका बाप तपेदिक से मर गया था,बाद में कुछ साल के बाद उनकी माँ भी एक आदमी के साथ भाग गयी थी.आख़िर वह कब तक बिना चुदवाये रह सकती थी.उसे भी अपनी चूत की गरमी को शांत कराने के लिए लंड की जरूरत थी.लेकिन उसने जाते जाते अपनी दोनों लड़किओं को अपनी बहिन के पास भेज दिया था.और उसके पास जितना पैसा और जेवर था वह सब अपनी बहिन को दे दिया था .उन रुपयों से चमा चमेली की मौसी ने गली अन्दर घर से कुछ दूर एक छोटी सी दूकान भी खोल ली थी .ताकि उसके साथ दोनों लड़कियों का पालन पोषण हो सके .दूकान से कोई ख़ास कमाई नहीं होते देख मौसी ने चम्पा को एक वकील के घर काम कराने के लिए रख दिया था.वकील का नाम कामता प्रसाद था उसकी औरत मर चुकी थी और एक ही लड़की थी जो शादी के बाद ससुराल चली गयी थी.इसकिये चम्पा वकील के घर का सारा कामऔर दोनों टाइम का खाना भी बनाती थी.और वकील को खाना खिला कर लगभग नौ बजे वापिस घर लौटती थी। कभी कभी इससे भी जादा देर ही जाती थी । चमेली नजदीक के सरकारी स्कूल में आठवीं में पढ़ती थी। और शाम को दूकान प् बैठती थी। दिन को मौसी घर का काम करके दूकान संभालती थी , उसी गली से कुछ दूरी पर शंकर का घर था, च अक्सर चमेली को गंदे गंदे इशारे कर के छेड़ता था.भद्दे मजाक करता था.बाब भी चमेली दुकानपर अकेली होती थी तो शंकर कुछ न कुछ खरीदने के बहाने चम्पा की दूकान पर आ धमकता था, लेकिन चमेली डर के मारे चुप रहती थी.एक दिन शंकर ने चमेली का हाथ पकड़ कर उसकी चूचियां मसल दी.गुस्से में आकर चमेली ने शंकर के मुंह पर थूक दिया.और उसका सब के सामने अपमान कर दिया.शंकर ने कहा साली बड़ी सीता सावित्री बन रही है.क्या तुझे पता नहीं है की तेरी बड़ी बहिन वकील से रोज चुदवाती है,हरामजादी अगर तुझे भी नहीं चोदा तो मेरा नाम शंकर नहीं ,मादरचोद तू मुझे घोड़ा शंकर कहती है ,तो मैं तुजे अपने इसी घोड़े जैसे लंड से चोदूंगा। तू भी याद करेगी मेरे लंड को.उस दिन से शकर चमेली के पीछे पड़ गया था ,और अपने अपमान का बदला लेने के लिए मौक़ा देख रहा था.एकदिन मौसी दो तीन दिन के लिए दूसरे शहर गयी थी और चम्पा वकील के घर काम के लिए गयी थी वकील के घर कुछ मेहमान आने वाले थे.चमेली घर में अकेली थी .शंकर को यह पता था.वह रात के सात बजे के बाद चमेली के घर चुपचाप से घुस गया.शंकर को देखते ही चमेली की घिघी बाँध गयी। वह डर से कांपने लगी.शंकर के हाथ में एक चाकू था.शंकर ने कहा साली अगर मुंह से एक भी आवाज़ निकाली तो इसी चाकू से तेरे तकड़े तकड़े कर दूँगा.किसी को कोई पता भी नहीं चलेगा.पुलिस भी मेरा कुछ नहींकर सकेगी.अगर तू अपनी जान बचाना चाहती है तो में जैसा कहता हूँ चुपचाप वैसा ही कर.चमेली डर के मारे कुछ नहीं बोली.शंकर बोला साली पहले अपने सारे कपड़े उतार कर पलंग पर लेट जा। अगर ज़रा भी आवाज की तो तेरी गरदन काट दूँगा.फ़िर शंकर ने अपना पाजामा उतार दिया.उसका लंड देख कर चमेली की जान सूख रही थी.वह थरथर काँप रही थी.उसने दबी जबान में शंकर से दया करने की भीख मांगी .शंकर बोला रंडी आज तुझे थूकने का मजा मिलेगा.फ़िर शंकर ने चमेली की चूत में थूक दिया जिस से चूत गीली हो गयी.शंकर बोला आ इधर आ मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूस तभी तो यह तेरी चूत में जाएगा,इसके बाद ने शंकर ने अपने लंड का सुपारा चमेली की चूत पर रख दिया.और चमेली का मुंह अपने हाथों से बंद कर दिया.शंकर एक ऐसा धक्का मारा की उसका एक चौथाई लंड चमेली की चूत में घुस गया.लंड घुसता गया चूत फट गयी.चूत से खूननिकल रहा था .चमेली मछली की तरह तड़प रही थी.लेकिन शंकर लंड घुसाता रहा.जब आधे से जादा लंड चमेली की चूत में चला गया तो शंकर ने लंड बाहर निकाला .फ़िर एक बार ऐसा जोरदार ढका मारा की पूरा लंड अन्दर सकमा गया, दर्द के मारी चमेली अपने हाथ पैर पटक रही थी .और शंकर दनादन लंड के वार कर रहा था.चमेली रो रही थी.और छोड़ने के लिए कह रही थी। शंकर बोला आज तेरी चूत की ऎसी हालत कर दूँगा की टू मुझे हमेशा याद करेगी। इसके बाद शंकर ने चमेली की जमकर चुदायी की.हरेक धक्के पर चमेली चीख पड़ती थी.और्हाय हाय ओह ओह अरे अरे कराने लगीचूत से फच फच फच की आवाजें निकल रही थीं। एक घंटे के बाद शंकर ने चमेली को पलंग पर घोड़ा बनाकर उसकी गांड ऊपर कर दी.चमेली चिल्लायी शंकर मैं तुम्हारे पैर पड़ती हूँ मेरी गांड नहीं मारो मैं मर जाऊँगी .मेरी गांड फट जायेगी.लेकिन शंकर नहीं माना.उसने कहा हरामजादी नखरे मत कर..जब तक तेरी यह प्यारी गांड नहीं मारूंगा मेरा बदला पूरा नहीं होगा .तू चुप चाप मेरे लंड का कमाल देख .कहीं गांड मरवाने से कोई मर सकता है .गांड तो सिर्फ़ मरवाने के लिए होती है.तभी शंकर ने अपना लंड चमेली की गांड में फ्हुसा दिया,चमेली चीखी तो शंकर ने चाकू दिखा कर चुप कर दिया.चमेली अपनी गांड में लंड घुसवाती रही.धीमे धीमे लंड पूरा अन्दर चला गया.और शंकर आरा से गांड मारता रहा.दर्द से चमेली की गांड फड़क रही थी और फ़ैल गयी थी.जब शंकर जो लगा की चमेली की गांड में काफी जगह बन गयी है तो उसने दोबारा चूत में लंड घुसा दिया इसके बाद शंकर ने चमेली की दोबारा चुदायी की .और चमेली को ऐसे ही छोड़ कर भाग गया.चम्पा जब देर रात को घर आयी तो उसने देखा की चमेली की चूत से खून बह रहा था और चमेली डरा से तड़प रही थी।
पूछने पर चमेली ने सारी बात बता दी.चम्पा फौरंवाकील के पास गयीऔर बोली की आप फ़ौरन शंकर के खिलाफ थाने में शिकायत लिखवाने में मेरी मदद मारें.लेकिन वकील ने कहा की ऐसा कराने से चमेली की बदनामी होगी और उससे कोई शादी नहीं करेगा.मेंपहले शंकर से बात करता हूँ.जब शंकर को यह बात पता चली की चमेली उसका लंड आराम से सह गयी थी,तो वह वकील के पास बोला की आप मेरे खिलाफ केस नहीं करें मैं ख़ुद ही चमेली से शादी करना चाहता हूँ.क्योंकि शहर में चमेली एक ऎसी लड़की है जो मेरा लंड सह सकती है.मैं तो चमेली को काफी समय से चाहता था ,लेकिन वह मुझे लिफ्ट नहीं देतीई थी.मैं चमेली को आराम से रखूँगा और इसी लंड से चुदाई करूंगा.जब चम्पा ने चमेली से पूछा तो वह राजी हो गयी ,और बोली दीदी सच बात तो यह है की मुझे भी शंकर से चुदवाने और गांड मरवाने में बड़ा मजा आया है.अगर टू भी शंकर से एक बार चुदवा ले तो भी उसके लंड की दीवानी हो जायेगी.मादरचोद का लंड बड़ा मजेदार है.लेकिन तू रात भर कहाँ थी,चम्पा बोली उधर शंकर तेरी चूत फाड़ रहा था उसी समय में वकील का लंड ले रहीई थी .साला इस उमर में भी मेरी चूत का भुरता कर देता है और रात रातभर चुद्यी करता है.मैं तो उसी के साथ शादी करूंगी .मुझे वकील के लंड का चस्का पड़ गया है .सचमुच लंड के बिना औरत की जिन्दगी बेकार होती है। मुझे पूरा विशवास है की तू शंकर से शादी करके खुश रहेगी औररोज लंड लेती रहेगी.बस मेरी यही इच्छा है की शंकर मुझे भी अपने लंड का मजा देता रही.जाओ सदा चुदागन रहो।
बाद में यही हुआ था .और आज दोनों बहनेचम्पा और चमेली इसी शहर में रह रह कर मिलजुल कर चुदवा रही हैं .आप चाहें तो उन से मिल कर पूछ लें।
अगली कहानी का इंतजार करें .तब तक किसी और चूत का बंदोबस्त कर लें.

Monday, December 7, 2009

किराए का लंड
दोस्तों मुझे चुदवाने का बहुत शौक है.मैं जिस समय बारहवीं में पढ़ रही थी .उसी समय से मुझे लंड का स्वाद मिल चुका था.मैं अपने पड़ोस के लड़कों से छुप छुप कर चुदवाती थी। जब यह बात मेरे माँ बाप को पता चली तो उनहोंने अपनी इज्जत बचाने के लिए मेरी शादी एक ऐसे आदमी से कर दी थी, जो मुझ से १२ साल बढ़ा था.यद्यपि वह काफी पैसे वाला है लेकिन वह जैसे ही काम के बाद घर आता है फ़ौरन सो जाता है .उसे सेक्स में कोई दिलचस्पी नहीं है .चुदायी से जादा उसे पैसों की फ़िक्र है इसलिए मैं रातरात भर लंड के लिए तरसती रहती हूँ। पहले मैं अपने नौकर से चुदवाती थी लेकिन वह भी अपने घे चला गया .इसलिए मैं किसी ऐसे व्यक्ती की तलाश कर रही थी जिसका लंड काफी लंबा और मोटा हो,जो मेरी चूत की आग को शांत कर सके।
एक दिन मैं अपनी सहेली प्रिया से इसी विषय पर बात कर रही थी ,क्योंकि उसकी भी यही समस्या है। वह भी अपने पति से संतुष्ट नहीं है.उसका पति भी उसे हफ़्तों तक नहीं कापना लंड नहीं देता है।
प्रिया ने मुझे बताया की वह एक ऐसे आदमी को जानती है.जो पासे लेकर चुदाई करता है.और इसी से अपनी कमाई करता है। लोग ऐसे लोगों को जिगोलो कहते हैं .यह लोग एक तरह से पुरूष वेश्या होते हैं .और चुदाई में माहिर होते हैं.प्रिया ने मुझे उस आदमी का फोन नंबर भी दे दिया था। दूसरे दिन ही मैंने उस व्यक्ती से फोन किया तो उस ने कहा की उसका नाम लकी है, और उसकी उम्र २४ साल है। वह एक रात के लिए ३००० /- रुपया लेता है.अगर एक के साथ किसी और को भी चुदवा हो तो कुल ४००० /-रुपये लगेंगे.मैं फ़ौरन तय्यार हो गयी .और मैंने प्रिया को यह बात बता थी। प्रिया को भी चुदवाने की इच्छा हो गयी। आख़िर हमने लकी को तारीख और समय भी बता दिया.लकी ने कहा की वह दिए गयी वक्त पर पहुँच जाएगा। उस दी हमारे दोनों के पति बाहर गयी हुए थे।
जसे ही लकी आया तो हम उसे देख कर ही समझ गयी की यह आदमी जरूर हमारी चूत को शांत कर देगा.लकी के पेंट अन्दर से उसका लंबा लंड स्पष्ट झलक रहा था.हमने लकी को अपने सोने के कमरे में बिठाया.और उस से बाक़ी बातें कराने लगे.लकी ने बताया की वह इस धंदे में सीर्फ दी साल पहले ही आया है, और आजतक लगभग तीन सौ औरतों की चुदायी जर चुका है.उन में सभी तरह की औरतें थीं .जिन को अपने पति के लंड से संतुष्टि नहीं होती या जिनका लंड लूज हो। लकी ने बताया की वह लगातार चार घंटे तक चुदायी कर सकता है ,और एक साथ तीन चार औरतों की चुदायी कर सकता है.लकी ने यह भी कहा की अगर कोई औरत चाहे तो वह उनकी गांड भी मार सकता है.लकी ने यह भी कहा की एक बार में उसका इतना वीर्य निकलता है की उससे एक कप भर सकता है। कुछ औरतें तू उसका वीर्य पीने के लिए ही बुलाती हैं .क्योंकि वीर्य पीने से जवानी बनी रहती है..लकी ने यह भी बताया की वह अपना वीर्य वीर्य बैंक में भी देता है,जो जरूरतमंद औरतों के बच्चा पैदा कराने में काम आता है.इसलिए इसकी काफी माग है,
यह सुन कर हमारी चूतों में पानी आ रहा था। और सब्र नहीं हो रहा था .मैंने फ़ौरन लकी का लंड बाहर निकाला और चूसने लगी .इतने लंबे सख्त लंड को चूसकर मई ख़ुद को भाग्यशाली मान रही थी.प्रिया भी बारी बारी से लंड चूसने लगी.लंड खडा हो चुका था ,और चूत में हमला करने को तैयार हो रहा था ।
लाकीई ने मुझे पलंग पर लिटाया और मरे कमर के नीचे एक तकिया रख दी ,जिस से मेरी चूत ऊपर उठ गयी और चूत की फांक साफ़ दिखायी देने लगी..लकी ने मेरे सारे कपड़े निकाल दिए और ख़ुद भी नंगा हो गया,बाद में प्रियाने भी अपने कपडे निकाल दिए.वह झुक कर लंड के गोले चाटने लगी .लंड का स्वाद बड़ा अच्छा होता है।

फ़ौरन ही लकी मेरे ऊपर सवार हो गया और मेरी चूत को निशाना बना कर लंड चूत में रख दिया .लकी ने जोर का एक ऐसा धक्का मारा की लंड गपाक से चूत में आधा घुस गया.मेरे मुंह से हाय हाय निकल गयी,कुछ देर बाद लकी ने लगातार धक्के मारे की मई चिल्लाने लगी.मेरे चहरे पर पसीना छलकने लगा था.लकी दनादन लंड के वार कर रहा था.हर वार ने उफ़ उफ़ ओहोह ई ई उफ़ कराने लगी थी.लंड सीधा मेरी बच्चेदानी तक पहुँच रहा था.लंड से मेरी पूरी चूत भर गयी थी.लकी जब भी लंड चूत से बाहर निकालता था तो मुझे ऐसा लगता था की जैसे लंड के साथ मेरी चूत भी फंस कर निकल जायेगी.लकी ने मुझे आसन बदल बदल कर तरह तरह से चोदा कभी मुझे अपने लंड पर बिठाया ,कभी घोड़ी बनाकर अपना लंड पीछे से मेरी चूत में घुसाया.कभी दीवार से लगा कर मुझे चोदा ।
इस जबरदस्त चुदायी से उसने मेरी चूत का कचूमर ही निकाल दिया था। चूत का पानी लगा तार बह रहा था.तभी लकी में वापस मेरी गांड को ऊपर उठाया और गांड के छेड़ पर अपना लंड रक्क्ख दिया.मैं रोकती रही मगर लकी नहीं माना.उसने अपना मोटा लंड मेरी गांड में धंसा दिया.मुझे ऐसा लगा जैसे मेरी गांड में किसी ने लोहे की गर्म रोड घुसा दी हो मैं जोर जोर से चीखने लगी .लेकिन लकी बिना रुके मेरी गांड मारता रहा.और धक्के पर धक्का लगाता रहा.प्रिया यह देख कर डर रही थी और अपनी गांड और चूत सहला रही थी .उसे पता था की अब उसका नंबर आनी वाला है.प्रिया की चूत से पानी रिस रहा था। लेकिन वह मजा ले रही थी। मुझे भी बड़ा मजा आ रहा था.मैं सोच रही थी काश लकी का लंड मेरी चूत हमेशा घुसा रहे और इसी तरह मेर चुदायी करता रहे ।
एक घंटे के बाद लकी ने कहा अब मेरा वीर्य निकालने वाला है, आहार आप लोग चाहें तो इसे पी सकती हैं .प्रिया फ़ौरन एक कप ले आयी और लकी ने अपना वीर्य उस कप भर दिया,जिसे हम दोनों ने आधा आधा पी लिया .सचमुच वीर्य बड़ा स्वादिष्ट था, मेरा सारा दर्द समाप्त हो चुका था। और मैं ताज़गी महसूस कराने लगी थी।
इसके बाद लकी ने इसी तरह से प्रिया को भी चोदा था उसने भी लकी के लंड का जमकर मजा लिया.और लकी के लंड को चूम लिया। तब से हमने यह तय कर लिया की आगे भी हम लकी कोही चुदवाने के लिए बुलवायेंगे। जब तक कोई ऐसा व्यक्ति नहीं मिलता जिसका लंड लकी की तरह लंबा मोटा और सख्त हो।
अगर आपका लंड भी ऐसा हो तो हमारी चूतें आपकेलिए तैयार हैं .हमें आपका इन्तजार रहेगा।
आपकी

अंजू और प्रिया